केतु का द्वादश भाव में शुभ अशुभ फल -: नमस्कार साथियों! आज की चर्चा में हम जानेंगे केतु देव का पत्रिका के द्वादश भाव में शुभ अशुभ परिणाम के विषय में तो आईए जानते हैं केतु देव पत्रिका के सभी भाव में किस प्रकार का सामान्य परिणाम प्रदान करते हैं! जैसा कि हम जान…
Read moreराहु का पत्रिका के 12 भाव में सामान्य फल -: प्रथम भाव व्यक्तित्व में रहस्यमयता, महत्वाकांक्षा, असामान्य सोच स्वास्थ्य में उतार-चढ़ाव, मानसिक बेचैनी विदेश/अलग संस्कृति से जुड़ाव प्रसिद्धि अचानक मिलती है द्वितीय भाव धन अर्जन के अनोखे स्रोत वाणी में कटुता/चा…
Read moreकिसी व्यक्ति का रिलेशनशिप (प्रेम संबंध या विवाह) कब बनेगा, यह ज्योतिषीय दृष्टिकोण से निम्नलिखित तरीकों से जाना जा सकता है: ज्योतिषीय उपाय – कुंडली विश्लेषण द्वारा सप्तम भाव – यह भाव विवाह और पार्टनरशिप का कारक है। इस भाव के स्वामी और उसमें स्थित ग्रहों…
Read moreविष कन्या योग -: विषकन्या योग एक विशेष प्रकार का योग है जिसे पारंपरिक वैदिक ज्योतिष में अशुभ या हानिकर योगों में गिना जाता है। यह योग स्त्री की कुण्डली में होता है और माना जाता है कि ऐसी कन्या (या स्त्री) के संपर्क में आने वाले पुरुषों को शारीरिक, मानसिक या…
Read more14 मार्च 2025 से सूर्य का मीन राशि में गोचर -: 14 मार्च 2025 को सूर्य , मीन राशि में प्रवेश करेंगे, जो सभी 12 राशियों पर प्रभाव डालेगा। यह गोचर व्यापार, करियर, स्वास्थ्य और व्यक्तिगत जीवन में महत्वपूर्ण परिवर्तन ला सकता है। आइए जानते हैं इसका प्रभाव: म…
Read moreवृषभ राशि के जातकों का व्यक्तित्व एवं कार्यशाली -; वृषभ राशि के जातकों का व्यक्तित्व और कार्यशैली व्यक्तित्व: धैर्यशील और स्थिर: वृषभ राशि के जातक स्वभाव से धैर्यवान और स्थिर माने जाते हैं। वे किसी भी परिस्थिति में घबराते नहीं हैं और शांत चित्त से निर्णय…
Read moreमेष लग्न के जातकों का वक्तित्व एवं कर्यशाली- मेष लग्न के जातकों का स्वभाव उनके लग्नेश ग्रह मंगल के प्रभाव के कारण बेहद ऊर्जावान, साहसी और उत्साही होता है। मंगल एक अग्नि तत्व ग्रह है, जो जातकों में जोश, आत्मविश्वास और नेतृत्व क्षमता को बढ़ावा देता है। आइए व…
Read moreIn Vedic astrology, certain combinations or yogas in a birth chart can indicate success in competitive fields like the IAS (Indian Administrative Service) or IPS (Indian Police Service). These roles demand a combination of intelligence, leadership, power, an…
Read moreCauses of Manglik Dosh -: Manglik Dosh (also called Mangal Dosha or Kuja Dosha) arises when Mars (Mangal) is placed in certain houses in a person’s natal chart (Janam Kundli). The afflicted houses are: 1. 1st House (Lagna) – Affects personality and marriage.…
Read moreIn Vedic tradition, specific spiritual practices, mantras, and yoga asanas are believed to enhance fertility and balance the body and mind, which may contribute to the possibility of having a son. However, it’s essential to approach this with an open mind, u…
Read moreक्यों मनाई जाती है दीपावली ? दीपावली का पर्व मुख्यतः भगवान राम के 14 वर्षों के वनवास के बाद अयोध्या लौटने पर अयोध्यावासियों द्वारा स्वागत के रूप में मनाया गया था। इसके अलावा भी इसके पीछे कई धार्मिक कथाएँ हैं, जैसे कि भगवान विष्णु का नरसिंह रूप में अवतार लेकर…
Read moreविवाह विच्छेद योग -: जन्मपत्रिका में डाइवोर्स योग (विवाह विच्छेद के योग) के संकेत कुछ विशेष ग्रह स्थितियों और उनके प्रभावों से देखे जा सकते हैं। निम्नलिखित प्रमुख योग और ग्रह स्थिति ऐसे होते हैं जो वैवाहिक जीवन में समस्याएँ और विवाह विच्छेद के संकेत दे सकते …
Read moreबुध रत्न पन्ना की संपूर्ण विस्तृत जानकारी -: जैसा कि हम सब जानते हैं कि बुद्धदेव का प्रतिनिधित्व पन्ना रत्न करता है। जन्म कुंडली में बुद्धदेव योग कारक की स्थिति में होते हैं तो उस स्थिति में बुध को बलवान बनाने के लिए पन्ना रत्न धारण किया जाता है। पन्ना रत्न…
Read moreघर में सुख समृद्धि के ज्योतिषीय उपाय -: ज्योतिष विज्ञान के अनुसार, कुछ उपाय घर में सुख, समृद्धि और शांति को बढ़ाने में मदद कर सकते हैं। यह उपाय व्यक्ति के जन्मचार्ट के आधार पर भी निर्दिष्ट किए जा सकते हैं। कुछ सामान्य उपाय निम्नलिखित हो सकते हैं: 1. नियमित प…
Read moreनक्षत्र संपूर्ण अध्ययन -: नक्षत्र विचार -: ज्योतिष शास्त्र में नक्षत्र पंचांग का प्रमुख अंग होता है जैसा कि हम जानते हैं कि तिथि वार नक्षत्र योग करण के संयुक्त रूप को पंचांग कहते हैं और आज हम नक्षत्र विषयक संपूर्ण जानकारी प्राप्त करेंगे। ज्योतिष शास्त्र में …
Read moreगृहारंभ भूमि पूजन में तिथि वार नक्षत्र का चयन किस प्रकार करें? प्रत्येक मानव की प्रमुख तीन आवश्यकताओं में भवन की आवश्यकता अति प्रमुख आवश्यकता होती है। अतः प्रत्येक मानव का एक सुंदर सा सपना होता है कि उसका एक स्वर्ग से सुंदर सपनों का महल हो। जिसमें वह अपने प…
Read moreसप्तमांश से संतान सुख का विचार कैसे करें ? नमस्कार मित्रों! जैसा कि पूर्व लेट में हमने षोडश वर्गी कुंडलियों के बारे में जानकारी प्राप्त की थी। हमने जाना था कि किस कुंडली से किस भाव का विस्तार से अध्ययन करता है। जिसमें हमने एक-एक कुंडली का सामान्य परिचय भी…
Read moreप्रेम राशिफल 2024 सभी को नववर्ष की हार्दिक शुभकामनाएऐ नव वर्ष 2024 की शुभकामनाओं के साथ आज हम प्रेम राशिफल के अंतर्गत 2024 में सभी 12 राशियों के प्रेम और वैवाहिक जीवन से जुड़ी सटीक प्रेडिक्शन करने जा रहे हैं। प्रेम हमारे जीवन का एक महत्वपूर्ण अंग होता है प्र…
Read moreआपको कितनी संतान होगी, संतान का सुख कैसा रहेगा, संतान विषयक संपूर्ण सूक्ष्म विश्लेषण कैसे करें ? आज की परिचर्चा में हम एक महत्वपूर्ण विषय को लेकर के उपस्थित हैं। आज हम संतान संबंधी आवश्यक प्रश्नों को सूक्ष्मता से समझने का प्रयास करेंगे। आज हम जाने की कोशिश क…
Read moreबुध गुरु शुक्र शनि ग्रहो से रोग विचार -- आज की चर्चा में हम पूर्व चर्चा को आगे बढ़ते हुए बुध गुरु शुक्र शनि ग्रहों के पीड़ित होने से होने वाले रोग विचार पर जानकारी प्राप्त करेंगे। हम जानेंगे की बुध गुरु शुक्र शनि किस प्रकार के रोगों के कारक होते हैं। सबसे प…
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