प्रदोष व्रत का महत्व -: प्रदोष व्रत भगवान और माता Parvati की उपासना के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण माना जाता है। यह व्रत प्रत्येक माह की कृष्ण और शुक्ल पक्ष की त्रयोदशी तिथि की संध्या (प्रदोष काल) में किया जाता है। प्रदोष व्रत का धार्मिक महत्व भगवान शिव की विशेष क…
Read moreनिर्जला एकादशी का महत्व -: निर्जला एकादशी को सभी एकादशियों में सबसे श्रेष्ठ माना गया है। इसका वर्णन महाभारत तथा पद्म पुराण में मिलता है। इसे भीमसेनी एकादशी भी कहा जाता है। इस दिन बिना जल ग्रहण किए भगवान विष्णु की उपासना की जाती है। मान्यता है कि जो व्यक्ति व…
Read moreअधिक मास की सोमवती अमावस्या का विशेष महत्व -: जब अमावस्या सोमवार के दिन पड़ती है, तो उसे सोमवती अमावस्या कहा जाता है। यदि यह अमावस्या अधिक मास (पुरुषोत्तम मास) में आए, तो इसका महत्व और भी बढ़ जाता है। वैदिक और पुराणिक मान्यताओं के अनुसार यह दिन पितृ तर्पण, भ…
Read moreअधिक मास स्नान के नियम -: अधिक मास (पुरुषोत्तम मास) में स्नान के कुछ पारंपरिक नियम और विधियाँ मानी जाती हैं। इस महीने में स्नान, जप, दान और भगवान विष्णु की पूजा का विशेष महत्व बताया गया है। अधिक मास स्नान के मुख्य नियम ब्रह्ममुहूर्त में स्नान सूर्योदय से पह…
Read moreगंगा दशमी कब मनाई जाएगी ? वर्ष 2026 में गंगा दशमी (गंगा दशहरा) 25 मई 2026, सोमवार को मनाई जाएगी। यह पर्व ज्येष्ठ मास के शुक्ल पक्ष की दशमी तिथि को मनाया जाता है। मान्यता है कि इसी दिन माँ गंगा स्वर्ग से पृथ्वी पर अवतरित हुई थीं। गंगा दशमी क्यों मनाई जाती है? …
Read moreकॉपर एल रोड सेकैसे एनर्जी चेक किया जाता है ? वास्तु में “कॉपर L-रॉड” (Copper L Rods) का उपयोग प्रायः डाउजिंग या ऊर्जा-संवेदन पद्धति के रूप में किया जाता है। यह एक पारंपरिक-अनुभवजन्य विधि है ।, वैज्ञानिक रूप से पूरी तरह प्रमाणित नहीं मानी जाती, लेकिन अनेक वास…
Read moreमंगल देव काअपनी मूल त्रिकोण मेष राशि में11 म ई से होगा गोचर -: वैदिक ज्योतिष के अनुसार मंगल ग्रह 11 मई 2026 को अपनी स्वयं की राशि मेष राशि में प्रवेश करेंगे। मंगल अपनी स्वराशि में बहुत शक्तिशाली माने जाते हैं, इसलिए यह गोचर साहस, ऊर्जा, नेतृत्व, क्रोध, प्रति…
Read moreआठवां घर का स्वामी बुध जब फिफ्थ हाउस में नीचे का होता है तो उसका रिजल्ट इस प्रकार का सामान्य रूप से देखा जाता है जब आठवें भाव का स्वामी बुध (मिथुन राशि का स्वामी) पंचम भाव में नीच का होकर बैठता है और गोचर में भी बुध पंचम भाव में आकर नीच का हो जाए, तो यह स्…
Read moreनकारात्मक एनर्जी की पहचान कैसे करें पत्रिका में नमस्कार मित्रों आज की चर्चा में हम नेगेटिव एनर्जी के बारे में विस्तार से चर्चा करने जा रहे हैं।आज की चर्चा में हम जानेंगे की पत्रिका में ऐसी कौन से योग होते हैं। जिससे हम पता कर सकते हैं कि हमारी लाइफ में किस …
Read moreवास्तुशास्त्र -: नमस्कार मित्रों । आज हम वास्तु शास्त्र के बारे में सामान्य जानकारी को लेकर के चर्चा करने जा रहे हैं। आज हम जानेंगे किसी भी भवनप्लॉटका निर्माण करने से पहले वास्तु शास्त्र के अनुसार सामान्य रूप से पहले किन-किन चीजों को देखा जाता है क्या उसमें …
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