वास्तुशास्त्र -: नमस्कार मित्रों । आज हम वास्तु शास्त्र के बारे में सामान्य जानकारी को लेकर के चर्चा करने जा रहे हैं। आज हम जानेंगे किसी भी भवनप्लॉटका निर्माण करने से पहले वास्तु शास्त्र के अनुसार सामान्य रूप से पहले किन-किन चीजों को देखा जाता है क्या उसमें …
Read moreअंगारक दोष का पत्रिका में प्रभाव -: नमस्कार मित्रों! आज हम पत्रिका में बनने वाले ऐसे योग के बारे में बात कर रहे हैं जो की बहुत ही बड़ा negativeयोग होता है जिसे अंगारक दोष के नाम से जाना जाता है। जिस पत्रिका में यह दोष बनता है ऐसे जातकों के साथ में मेंटली ब…
Read moreकेमद्रुम दोष का संपूर्ण विवरण -: नमस्कार साथियों आज हम ज्योतिष शास्त्र के ऐसे महत्वपूर्णदोष की बात करने जा रहे हैं जो कि चंद्रमा के द्वारा निर्मित होता है। जिसे केमद्रुम योग के नाम से जाना जाता है।आईए जानते हैं केंमदु दोष के क्या परिणाम होते हैं। किस प्रका…
Read moreकेतु का द्वादश भाव में शुभ अशुभ फल -: नमस्कार साथियों! आज की चर्चा में हम जानेंगे केतु देव का पत्रिका के द्वादश भाव में शुभ अशुभ परिणाम के विषय में तो आईए जानते हैं केतु देव पत्रिका के सभी भाव में किस प्रकार का सामान्य परिणाम प्रदान करते हैं! जैसा कि हम जान…
Read moreराहु का पत्रिका के 12 भाव में सामान्य फल -: प्रथम भाव व्यक्तित्व में रहस्यमयता, महत्वाकांक्षा, असामान्य सोच स्वास्थ्य में उतार-चढ़ाव, मानसिक बेचैनी विदेश/अलग संस्कृति से जुड़ाव प्रसिद्धि अचानक मिलती है द्वितीय भाव धन अर्जन के अनोखे स्रोत वाणी में कटुता/चा…
Read moreशुक्र का द्वादश भावों में फल -: नीचे शुक्र ग्रह के कुंडली के 1 से 12 भावों में स्थित होने पर मिलने वाले शुभ एवं अशुभ फलों का क्रमबद्ध वर्णन दिया जा रहा है। (यह फल शुक्र की राशि, युति, दृष्टि, बल–निर्बलता के अनुसार घट–बढ़ सकते हैं) प्रथम भाव (लग्न भाव) में शुक…
Read moreभृगु संहिता में सेकंड मैरिज योग-: नमस्कार मित्रों। आज की चर्चा में हम भृगु संहिता में वर्णित सेकंड मैरिज योग के बारे में विस्तार से चर्चा करने जा रहे हैं। आज की चर्चा में जानेंगे की पत्रिका में सेकंड मैरिज योग किस प्रकार निर्मितहोत है। जैसा कि हम सब जानते ह…
Read more5 दिसंबर से बृहस्पति के वक्री होकर मिथुन राशि में गोचर का सभी 12 राशियों पर प्रभाव -: गुरु अपनी उच्च कर्क राशि से वक्री होकर 5 दिसंबर से मिथुन राशि में गोचर करने जा रहे हैं। इससे पहले 18 अक्टूबर 2025 को बृहस्पति अतिचार होकर मिथुन राशि से अपनी उच्च कर्क …
Read moreशनि मार्गी – 28 नवंबर का 12 राशियों पर प्रभाव नमस्कार मित्रों जैसा कि हम जानते हैं 28 नवंबर 2025 को शनि देव मीन राशि में वक्री गति छोड़कर के मार्गी गति पर आगे बढ़ेंगे। शनिदव की गति परिवर्तन पर सभी 12 राशियों के जातकों के जीवन में भिन्न-भिन्न प्रकारक परिणाम…
Read moreपैतृक संपत्ति से संबंधित विवाद को समाप्त करने का ज्योतिषीय उपाय -: पैतृक संपत्ति में अपना वाजिब भाग प्राप्त करना केवल कानूनी या पारिवारिक विषय नहीं है — वैदिक ज्योतिष की दृष्टि से यह पितृ दोष, ग्रह योग, और कर्मफल से भी जुड़ा हुआ विषय है। इसलिए इसके उपाय …
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