नकारात्मक एनर्जी की पहचान कैसे करें पत्रिका में 

नमस्कार मित्रों


आज की चर्चा में हम नेगेटिव एनर्जी के बारे में विस्तार से चर्चा करने जा रहे हैं।आज की चर्चा में हम जानेंगे की पत्रिका में ऐसी कौन से योग होते हैं। जिससे हम पता कर सकते हैं कि हमारी लाइफ में किस प्रकार की नेगेटिव एनर्जी का प्रभाव ज्यादा रहता है और उसे एनर्जी का क्या कारण है। जो हमारी लाइफ में इंपैक्ट डाल रही है और उसे कैसे दूर कर सकते हैं तो लिए आज हम इस विषय को लेकर के विस्तार से चर्चा करते हैं।


ज्योतिष शास्त्र में बुरी नज़र (दृष्टि दोष) और नेगेटिव एनर्जी (नकारात्मक ऊर्जा) को व्यक्ति की कुंडली (पत्रिका) से समझा जा सकता है। यह प्रभाव सीधे “नज़र” के रूप में नहीं लिखा होता, बल्कि कुछ ग्रहों और योगों के माध्यम से संकेत मिलता है।

 1. किन ग्रहों से बनता है नज़र दोष / नेगेटिव एनर्जी?

 राहु 

भ्रम, मायाजाल, अचानक समस्या, मानसिक तनाव

अगर राहु लग्न, चंद्र या पंचम/नवम भाव में अशुभ हो → व्यक्ति को बुरी नजर जल्दी लगती है।

 केतु 

अदृश्य शक्तियाँ, अचानक नुकसान, आध्यात्मिक उलझन

केतु का चंद्र या लग्न से संबंध → अनजानी बाधाएँ

 शनि 

देरी, कष्ट, नकारात्मक सोच

शनि की दृष्टि चंद्र या लग्न पर → मानसिक दबाव, भारीपन

 चंद्र 

मन और भावनाएँ

यदि चंद्र कमजोर या पाप ग्रहों से पीड़ित हो → व्यक्ति जल्दी नेगेटिव एनर्जी पकड़ता है

2. कुंडली में नज़र दोष के प्रमुख योग

चंद्र-राहु ग्रहण योग → मानसिक अस्थिरता, नजर लगना

चंद्र-केतु योग → डर, भ्रम, अकेलापन

लग्न पर पाप ग्रहों (राहु/केतु/शनि) की दृष्टि

अष्टम भाव में राहु या केतु → अचानक बाधाएँ

चंद्र नीच या कमजोर होना

 3. वास्तविक जीवन में संकेत 

यदि कुंडली में ऐसे योग हों, तो व्यक्ति में ये लक्षण दिख सकते हैं:

अचानक काम बिगड़ना

बिना कारण डर या घबराहट

बार-बार बीमार पड़ना

घर में अशांति या तनाव

सफलता के समय अचानक रुकावट

4. ज्योतिषीय उपाय 

सरल उपाय:

रोज़ हनुमान चालीसा का पाठ

भगवान हनुमान की पूजा (नज़र दोष में सबसे प्रभावी)

शनिवार को सरसों का तेल दान

काले तिल का दान

 नज़र से बचाव:

काला धागा पहनना

घर/दुकान पर नींबू-मिर्च लगाना

कपूर या गूगल से धूप करना

 विशेष उपाय:

यदि राहु/केतु दोष अधिक हो → रुद्राक्ष धारण

चंद्र कमजोर हो → सोमवार व्रत, शिव पूजा

भगवान शिव का अभिषेक

निष्कर्ष 

कुंडली में “बुरी नजर” सीधे नहीं दिखती, लेकिन राहु, केतु, शनि और कमजोर चंद्र के प्रभाव से यह स्पष्ट संकेत मिलते हैं। 

एस्ट्रो आचार्य केके शास्त्री

9414657245