हस्त रेखा ज्ञान

प्रत्येक प्राणी की हस्त रेखा  मे उसका भूत भविष्य वर्तमान छिपा हुआ होता है यहां तक कि हस्त रेखाओं में प्राणी का भूत भविष्य वर्तमान ही नहीं अपितु उस प्राणी का चरित्र भी छिपा हुआ होता है जिसकी जानकारी हम तभी प्राप्त कर सकते हैं जब हमें हस्त रेखाओं का संपूर्ण ज्ञान प्राप्त हो क्योंकि हस्त रेखाओं में अनेक गोपनीय भेद छुपे हुए होते हैं जिनको समझने के लिए हमें हमारी बुद्धि का संपूर्ण प्रयोग करना पड़ता है क्योंकि कोई भी विद्या प्राप्त करना इतना सरल नहीं होता है जिसमें ज्योतिष इतना सरल नहीं है जिसे हम कुछ दिनों में ही सीख सके हैं इसको सीखने के लिए समझने के लिए हमें कठिन परिश्रम व अभ्यास करने की आवश्यकता होती है आज हम बात करते हैं  हस्तरेखा व हमारा जीवन

 हाथों की बनावट व हमारा भाग्य - :

  प्राणी के हाथों की लकीरें प्रकृति के द्वारा लिखी जाती है  जिसके रहस्य को हम हस्तज्योतिष ज्ञान के द्वारा पढ़ सकते हैं हस्तरेखा की लकीरों के द्वारा हम हमारे जीवन के भूत भविष्य वर्तमान व हमारे जीवन में आने वाले सभी प्रकार के सुख दुख का पता कर सकते हैं हस्तरेखा विज्ञान अति प्राचीन ज्ञान है जिसमें हाथ की बनावट व हाथ की सूक्ष्म रेखाओं का विश्लेषण करके  जीवन के भूत भविष्य के बारे में ज्ञान प्राप्त कर सकते हैं हाथ की बनावट को हम मुख्य रूप से सात भागों में विभक्त करते हैं जो इस प्रकार है

 1  प्रारंभिक हाथ

2   अधिक उपयोग में काम आने वाला हाथ या वर्गाकार हाथ 

3 गठीला हाथ

4 चपटा  हाथ

5 शंख के आकार वाला हाथ 

6 नकुल हाथ

7 मिलाजुला हाथ



जैसा कि हमने जाना कि हाथ के आकार सात प्रकार के होते हैं उसी प्रकार प्रत्येक हाथ के सात भेद होते हैं या यूं कहें कि प्रत्येक हाथ को साथ भागों में विभक्त किया गया है अर्थात हमारी हथेली मे  अंगुलियों का प्रमुख स्थान होता है अतः हम हथेली की अंगुलियों के आकार के आधार पर प्रत्येक हाथ को साथ भागों में बांट सकते हैं जो इस प्रकार है -----:



1 . चौकोर छोटी अंगुलियों  वाला हाथ 

2 .चौकोर लंबी अंगुलियों वाला हाथ

 3.-गांठ वाली अंगुलियों का हाथ

4 .चपटी अंगुलियों का हाथ 

5  . नुकीली अंगुलियों का हाथ

6 .अधिक  अंगुलियों का हाथ

7. मिश्रित अंगुलियों का हाथ

  हमें इन बातों को ध्यान में रखकर के ही हाथ की हस्त रेखा का विश्लेषण करना प्रारंभ करते हैं

   1. प्रारंभिक हाथ --::

प्रारंभिक श्रेणी के हाथ प्राकृतिक रूप से छोटी मानसिकता से संबंध रखते हैं देखने में इस प्रकार के हाथ भद्दे् दिखाई पड़ते हैं ऐसे लोगों की हथेली मोटी, बड़ी, तथा भारी होती है अंगुलियां और नाखून छोटे होते हैं इस प्रकार के श्रेणी के हाथ का अध्ययन करते समय हथेली तथा अंगुलियों की लंबाई पर ध्यान देना अति आवश्यक हो जाता है बुद्धि का प्रशिक्षण करने के लिए अंगुलियों का हथेली से लंबा होना जरूरी होता है उसे ही हम शुम मानते हैं परंतु ज्योतिष शास्त्र के कई विद्वानों का मानना है कि अंगुलियां हथेली से लंबी पाए जाती हो  ऐसे मामले बहुत कम नजर में आए हैं कि अंगुलियां हथेली से कुछ कम लंबी हो अथवा बराबर हो जब हथेली के आकार के हिसाब से अंगुलियां कुछ अधिक लंबी हो तो छोटी होने की तुलना में वे उच्च बौद्धिक प्रकृति को दर्शाती है इस प्रकार हम कह सकते हैं कि प्रारंभिक हाथ वाले लोगों के हथेली हमेशा मोटी तथा भद्दी होती है तथा अंगुलिया भी मोटी तथा भद्दी होती है ऐसी हथेली पर बहुत कम रेखाएं देखी जाती है ऐसे हाथ वाले लोगों में मानसिक योग्यता बहुत कम होती है और वे जो कुछ प्राप्त करते हैं उनका अधिकांश झुकाव तो असभ्यतासभ्यता की ओर ही होता है अपनी भावनाओं पर उनका नियंत्रण भी कम होता है कई लोगों पर तो बिल्कुल ही नहीं होता आकार रंग और सुंदरता के प्रति प्रेम उन्हें आकर्षित नहीं कर पाता है सामान्य तौर पर ऐसे हाथ में अंगूठा छोटा तथा मोटा होता है और उनके नाखूनों का ऊपरी भाग मोटा भारी एवं सामान्य तौर पर ऐसे लोग हिंसात्मक प्रकृति के होते हैं तथा शीघ्र क्रोध में आने वाले होते हैं किंतु साहसी नहीं होते ऐसे लोग क्रोध में आकर किसी की हत्या तक कर सकते हैं तथा इस प्रकार के लोगों में हिंसात्मक प्रकृति मुख्य रूप से देखी जाती है अतः हम कह सकते हैं कि प्रारंभिक हाथ वाले लोग देखने में ऐसे लगते हैं जैसे उनकी कोई महत्व कांक्षा ही नहीं हो ऐसे लोग धरती पर केवल खाने-पीने और सोने के लिए ही आते हैं यह कोई आविष्कार या कोई ऐसा कार्य नहीं कर पाते हैं जिससे किसी का उपकार होता हो

    2.  वर्गाकार हाथ  --::


वर्गाकार हाथ सामान्य रूप से चौकोर हाथ होता है मगर ऐसे लोगों की कलाइयां भी प्राय चौकोर ही देखी जाती है हम लोग ऐसे हाथों को उपयोगी हाथ भी कहते हैं ऐसे हाथों के नाखून छोटे और नकुले होते हैं इस प्रकार के हाथ वाले प्राणी समय पर अपना पूरा काम करने की क्षमता रखते हैं ऐसे लोगों को अनुशासन प्रिय होता है तथा वर्गाकार हाथ वाले लोग अपने घर बाहर सब और सफाई पसंद करते हैं इन्हें लड़ाई झगड़ों से दुर रहना तथा शांति से प्रेम होता है इनकी बातों पर विश्वास किया जा सकता है क्योंकि यह किसी को धोखा नहीं देते ऐसे लोग धर्म की मर्यादा का सदा पालन करते हैं तथा सिद्धांतों का दृढ़ता पूर्वक पालन करते हैं ऐसे लोग भौतिक सुखों के इच्छुक नहीं होते व व्यवहार कुशल , धर्म में आस्था रखने वाले होते हैं ऐसे लोग विचारों से अधिक सिद्धांत को महत्व देते हैं ऐसे लोगों को आम आदमी पसंद भी नहीं करते बल्कि वे स्वयं भी लोगों को कम पसंद करते हैं इनके कामों में पूरी सटीकता चरित्र शक्ति इच्छाशक्ति मुख्य रूप से पाई जाती है इसी कारण लोग उन्हें अधिक बुद्धिमान मानते हैं इनकी रुचि कृषि कार्य व्यापार में अधिक होती है व्यवसाय में बड़े ईमानदार होते हैं ऐसे वर्गाकार हाथ वाले लोगों को अपनी बुद्धि पर सर्वाधिक विश्वास होता है वे जो कुछ कहते हैं उसे पूरा करके दिखाते हैं यही उनकी सबसे बड़ी विशेषता होती है इस प्रकार हम कह सकते हैं कि चौकोर हाथ वाले लोग  लोक कल्याण के कार्यों में विश्वास रखने वाले होते हैं

 

इस प्रकार अब हम वर्गाकार हाथ के सात भेदों का विश्लेषण करते हैं


A. वर्गाकार हाथ में छोटी अंगुलियां        -:


जैसा कि हम जान चुके हैं कि अंगुलियों के आधार पर हाथ को हम सात भागों में विभक्त करते हैं तो हम यहां पर अब वर्गाकार हाथ का विश्लेषण कर चुके हैं अब वर्गाकार हाथ को अंगुलियों के आधार पर विभक्त करके उसका विश्लेषण करते हैं इसमें प्रथम भेद है छोटी अंगुलियों वाला हाथ      इसमें हाथ की अंगुलियां छोटी पाई जाती है और ऐसे लोग प्राय आत्मविश्वासी  होते हैं तथा इस प्रकार के हाथ वाले लोग जिद्दी स्वभाव के होते हैं और अपने परिश्रम से ही धन कमाते हैं  उनके मन में धन कमाने की लालसा पाई जाती है     

B. वर्गाकार हाथ और लंबी रंगोलियां.     --:

वर्गाकार हाथ में यदि लंबी अंगुलिया पाई जाती है तो यह संकेत देती है कि ऐसा व्यक्ति उच्च मानसिकता वाला होता है तथा ऐसे लोग वैज्ञानिक परीक्षणों में अधिक रूचि रखते हैं इनके मन में प्रतिपल कुछ न कुछ नया करने की चाहत होती है
            

C. वर्गाकार हाथ और गठीली अंगुलियां.        -:

ऐसे हाथ का आकार अक्सर लंबी अंगुलियों में ही पाया जाता है ऐसे लोग नवनिर्माण में अधिक रुचि रखते हैं और हर रोज नई-नई योजना बनाते हैं किंतु ऐसे लोग कोई भी आविष्कार नहीं कर सकते ऐसे लोग यदि विज्ञान रुचि लें तो कोई न कोई चमत्कार अवश्य कर सकते हैं

D. वर्गाकार हाथ और  चपटी अंगुलियां  -:


ऐसे हाथों को ज्योतिष विद्या में आविष्कार का हाथ कहा जाता है क्योंकि ऐसे लोग हर समय अपने मन में किसी न किसी नई खोज की भावना रखते हैं तथा जीवन में कुछ नया करने की सोचते रहते हैं अतः ऐसे लोग अच्छे वैज्ञानिक बनते हैं तथा जीवन में कुछ उपयोगी कार्य करने में विश्वास रखते हैं

E. रजाकार हाथ में निकली अंगुलियां ,--:


वर्गाकार हाथ में नुकुली अंगुलियां वाला व्यक्ति मधुर संगीत का शौकीन होता है और ऐसे लोगों का संगीत के क्षेत्र में बहुत बड़ा योगदान होता है ऐसे हाथ को हम विद्यार्थी का हाथ भी कह सकते हैं क्योंकि नुकीली अंगुलियां कला को जन्म देती है ऐसे लोग सुबह से ही कला प्रेमी होते हैं तथा कला इनके जीवन का अंग बन जाती है ऐसे लोग कला के दीवाने होते हैं तथा अपनी कल्पना की उड़ान को बहुत ऊंची लेकर जाने वाले होते हैं इनके मन में छोटी सोच का कोई स्थान नहीं होता है ऐसे लोग गरीब होकर भी उनके विचार गरीब नहीं होते हैं

   F. वर्गाकार हाथ और चमसाकार  अंगुलियां  --:

जब हाथ की हथेली चौड़ी होकर अंगुलियों की तरफ जाती हुई न कुली हो जाती है हाथ कलाई की ओर ढलान पर होता है मान लीजिए कोई हाथ चपटा होते हुए मजबूत भी हो तो ऐसे लोगों का स्वभाव उत्तेजित होता है किंतु ऐसे लोग अपने उद्देश्य की पूर्ति के लिए शक्ति एवं उत्साह से भरे हुए होते हैं यदि ऐसा हाथ मुलायम या गुदगुदा हो तो ऐसे लोगों का स्वभाव चंचल और क्रोधी होता है यह हर काम को जल्दी पूरा करना चाहते हैं किंतु दृढ़ता से कोई काम नहीं कर पाते हैं इस प्रकार ऐसे हाथ वाले लोगों को करा कार्य शक्ति इन स्वतंत्रता के प्रति अत्यधिक प्रेम होता है और ऐसे लोग महान समुद्र की यात्रा खोज करने वाले और यंत्र विद्या के ज्ञानी होते हैं इस प्रकार हम कह सकते हैं कि ज्योतिष विद्या में ऐसे हाथ को बड़ा हाथ कहा जाता है इसके अंगुली आंसू विकसित और भावना की अपूर्व स्वतंत्रता से भरी होती है ऐसे लोग अपने अलग से पहचान बनाए रखने के लिए उल्टे सीधे सारे काम करते हैं



3. गठीला या दार्शनिक हाथ -::


इस हाथ वाले प्राणी धन के मामले में सबसे पिछड़े हुए और दिमाग के मामले में सबसे अमीर होते हैं जिन लोगों का हाथ गठीला होता है ऐसे लोग किसी अद्भुत विषय  में माहिर होते हैं हर समय कुछ न कुछ नया करने की सोचते रहते हैं तथा एक स्थान पर टिका रहना इनके स्वभाव में नही है तथा ऐसे लोगों को हरसंभव सफलता भी प्राप्त होती है क्योंकि वे परिश्रम पर ध्यान रखते हैं झूठ से  और झूठे लोगों के शत्रु बुरे काम करने वाले पापी लोगों की छाया से दूर भागते हैं किसी का बुरा नहीं कर सकते हां भलाई करने के लिए सबसे आगे रहते हैं ऐसे लोग उपदेश तो देते हैं किंतु उनके उपदेश लोगों की समझ से बाहर होते हैं उनके विचार आकाश की भांति  होते हैं आदर्शों की बातें करते समय स्वयं कहीं कहीं भटक जाते हैं यदि कोई जरा सी बुरी बात कह देता है तो यह बात उन के लिए बोझ बन जाती है है इनमें से कुछ ऐसे भी निकल आते हैं जो रिश्ते नातों को भी नहीं मानते हैं


4.नकुला हाथ -::

 नकुला हाथ की सबसे बड़ी पहचान यह होती है कि यह बीच आकार का होता है इसकी हथेली आगे से कुछ तंग होती है और अंगुलियां मूल स्थान में पुष्ट तथा आगे के भाग में नाखून वाले भाग में से निकली होती है इस को हम आदर्शवादी हाथ भी कह सकते हैं जो लंबा पतला और अधिक नुकीली अंगुलियों वाला होता है इस नकली हाथ की कुछ विशेषताएं  इस प्रकार हैं नकुले हाथ वाले व्यक्ति मानसिक प्रेरणा एवं सहज ज्ञान रखने वाले होते हैं ऐसे लोग शरीर से मुलायम चिकने होते हैं इनमें धैर्य की बहुत कमी होती है बात-बात पर भावुक होते हैं जिनका इन्हें बहुत सफलता मिलती है भावुकता अधिक होने पर सफलता नहीं मिलती इनके मिजाज  स्वार्थी बना जाता है गरीबों को धन देने के लिए सबसे अधिक खुले दिल के होते हैं ऐसे हाथ को कलात्मक हाथ भी कहा जाता है कि नाम उनकी योजनाएं बनाने में संबंध रखता है क्योंकि वे उन कलात्मक काव्य के रूप में परिणित नहीं कर पाते हैं यदि नकुला हाथ लचीला हो तो ऐसे व्यक्ति में बहुत अधिक गुण होते हैं साथ ही शरीर स्वस्थ  होता  है ऐसे लोगों का स्वभाव कठोर होता है विचारों में दृढ़ता होती है


5.आदर्श या आधा नकुला हाथ::


इस प्रकार का हाथ बहुत कम मिलता है  ऐसे हाथ वाले लोगों को आम आदमी से काफी सहानुभूति रहती है मगर इन्हें जीवन में अधिक सुख नहीं मिल पाता है ये लोग अक्सर संघर्ष ही करते रहते हैं जैसा कि नाम से ही स्पष्ट होता है कि ऐसे हाथ वाले लोग खुले दिल के होने के कारण सब पर भरोसा करते हैं खुले दिल के व शुद्ध मन के होने कारण किसी को धोखा नहीं देते हैं


 6.मिलाजुला मिश्रित हाथ -::

 ऐसे लोगों के आपके बारे में बहुत जल्दी कोई निर्णय लेना कठिन होता है ऐसे हाथ को हम निर्देशन का हाथ भी कर सकते हैं ऐसे लोग विचारशील स्वभाव के होते हैं तथा ऐसे लोग कूटनीति एवं चतुराई में भी माहिर होते हैं हर प्रकार की समस्याओं का सामना करने के लिए तैयार रहते हैं ऐसे लोगों को आमतौर पर हर फन वाला कहा जाता है इनसे कोई भी काम ले लो कोई भी काम करवा लो इनकी जुबान पर न  शब्द कभी आता ही नहीं है




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