मनुष्य की अंगुलियां और उनका फल

 हस्तरेखा शास्त्र
में अंगुलियों का  सर्वश्रेष्ठ स्थान होता है  प्रत्येक प्राणी की अंगुलियां भिन्न भिन्न प्रकार की होती है किसी की अंगुलियां लंबी तो किसी की छोटी होती है तथा अंगुलियों का हमारी हथेली से कोई संबंध नहीं होता है अर्थात हमारी हथेली की लंबाई से अंगुलियों का कोई संबंध नहीं होता है आज हम बात करते हैं मनुष्य के हाथ की अंगुलियां व उनका फल तो आइए हम इसी विषय पर विस्तार से चर्चा करते हैं


लंबी अंगुलियां -:

लंबी अंगुलियों वाले मनुष्य हर चीज को विस्तार पूर्वक जाने की इच्छा रखते हैं तथा ऐसे लोग प्राय अपने आसपास या अपने घर में भी सफाई पसंद करते हैं और अपने आपको भी स्वच्छ रखते हैं अतः हम कह सकते हैं कि लंबी अंगुलियों वाले व्यक्ति दिल से भी बहुत अच्छे होते हैं वे सर्वत्र सभी प्राणियों को प्रसन्न देखना चाहते हैं तथा दीन दुखियों गरीबों की सहायता करते हैं समाज उत्थान के नए-नए कार्य करते हैं ऐसे लोग क्रूर स्वभाव के नहीं होते हैं तथा दूसरों के दुख को देख नहीं सकते हैं अतः लंबी अंगुलियों वाले व्यक्तियों को हम दयालु प्रकृति के कह सकते हैं तथा ऐसे ही लोग समाज सुधारक होते हैं

 छोटी अंगुलियां  -:

 इसी प्रकार जिन व्यक्तियों के अंगुलियों छोटी होती है वे अक्सर जल्दबाजी में काम करते हैं या उनमें आवेश आत्मक स्थिति बहुत जल्दी आ जाती है तथा उनकी जुबान में संयमित भाषा नहीं होती है  तथा छोटी अंगुलियों वाले व्यक्ति अक्षर आलसी प्रकृति के होते हैं लेकिन उनमें आत्मविश्वास बहुत अधिक पाया जाता है लेकिन वह समय पर आलसी स्वभाव होने कारण अपना कार्य नहीं कर पाते हैं इसलिए वे सफलता से दूर हो जाते हैं छोटी अंगुलियों के व्यक्ति हमेशा दूसरों का बुरा चाहने वाले होते हैं अर्थात ऐसे लोग दूसरों के सुख को देख नहीं पाते हैं और अंदर ही अंदर अपने से अधिक सुखी व्यक्तियों को देख करके उनसे ईर्ष्या करने लगते हैं

मोटी भद्दी छोटी अंगुलियां -:

 इसी प्रकार मोटी भद्दी तथा छोटी अंगुलियों वाले बहुत ही स्वार्थी और धोखेबाज होते हैं उनकी किसी बात का विश्वास नहीं करना चाहिए    क्योंकि ऐसे लोग अपने ही लोगों के साथ विश्वासघात करने वाले होते हैं या यूं कहें कि छोटी बद्दी व मोटी अंगुलियों वाले व्यक्ति अक्षर विश्वासघात करने वाले होते हैं  ऐसे लोग जिनके साथ रहते हैं उन्हीं के साथ धोखा करके उनका बुरा अहित करते हैं अतः ऐसे लोग अपना काम निकालने वाले होते हैं

सीधी तनी हुई अंगुलियां -:

इसी प्रकार से अगर यदि अंगुलियां तनी हुई और अंदर की ओर झुकी हुई हो तो ऐसे लोगों का विश्वास समाज में कोई नहीं करता है क्योंकि ऐसे लोगों का संबंध अपने आस-पड़ोस व सगे संबंधों से भी अच्छा नहीं होता है क्योंकि ऐसे लोग प्राय झगड़ालू व  एकांकी स्वभाव के होते हैं इसलिए ऐसे लोगों को समाज में सही दृष्टि से नहीं देखा जाता है

लचीली व पीछे की ओर झुकी हुई अंगुलियां -:

 इसी प्रकार यदि किसी की हाथ की अंगुलियां लचीली और पीछे की ओर झुकी हुई हो तो ऐसे लोग समाज सेवा करने वाले तथा स्वभाव से बहुत अच्छे होते हैं जिस कारण वे सबके प्यारे होते हैं और समाज में उनका बहुत अधिक आदर सम्मान होता है क्योंकि ऐसे लोग सर्वदा समाज के हितों को ध्यान में रखकर के कार्य करते हैं तथा समूह में रहना पसंद करते हैं देखा जाता है कि इस श्रेणी के जो लोग होते हैं वे सदैव समाज सेवा में कार्य करते हैं समाज का हित चाहते हैं तथा ऐसा कोई कार्य को पसंद नहीं करते हैं जिससे समाज का अहित होता हो

 आगे से गोल गद्दी आकार की अंगुलियां  -:

इसी प्रकार यदि अंगुलियों के आगे के भाग के अंदर भी गोल गद्दी जैसा हो तो ऐसे व्यक्ति अत्यंत संवेदनशील और किसी का बुरा नहीं करने वाले होते हैं वे तन मन और कर्म से सभी का भला चाहते हैं इस प्रकार के लोग सभ्य व सज्जन होते हैं जो वसुदेव कुटुंबकम की भावना ले करके अपना जीवन जीते हैं

जड़ों में मोटी व गुदगुदी अंगुलियां -:

यदि अंगुलियां जड़ों में से मोटी और गुदगुदी हो तो ऐसे प्राणी दूसरे से अधिक अपने आराम व सुविधाओं को महत्त्व देते हैं उनके जीवन के हर सुख की आवश्यकता महसूस होती है  अर्थात ऐसे लोगों को हम मतलबी स्वभाव के कह सकते हैं जो सर्वथा अपना ही अपना हित चाहते हैं व अपने सुख की कामना करते हैं ऐसे लोगों को अपने समाज व अन्य दूसरे लोगों से कोई मतलब नहीं होता है


अंगुलियों के बीच में रिक्त स्थान के आधार पर फलादेश -:

यदि अंगुलियों को खोलने पर प्रथम और द्वितीय अंगुली के बीच में अधिक स्थान दिखाई दे तो यह विचारों की स्वतंत्रता का द्योतक होता है यदि ऐसा स्थान तीसरी और चौथी अंगुली के बीच में हो तो यह कार्य की स्वतंत्रता का परिचायक होता है इसी प्रकार से कुछ हाथों में प्रथम अंगुली बहुत छोटी होती है और कुछ में वह दूसरी अंगुलियों के बराबर होती है अन्य अंगुलियों के साथ भी ऐसा हो तो जब पहले अंगुली अर्थात तर्जनी बहुत अधिक लंबी हो तो ऐसे प्राणी बहुत घमंडी तथा दूसरों के ऊपर अपना प्रभाव जमा कर चलने वाले होते हैंयदि एक अंगुली तर्जनी असाधारण रूप से लंबी आता बीच वाली के बराबर हो तो ऐसे व्यक्ति बड़े सिद्धांत वादी और आदर्शवादी होते हैं किंतु वे लोग किसी के अधीन होकर नहीं रह सकते बल्कि बहुत अच्छे प्रशासक होते हैं इसी क्रम में यदि दूसरी यानी शनि के अंगुली जो चकोर या भारी होते ऐसे लोग बहुत अधिक विचार से धैर्य वान होते हैं यदि नौकरी हो तो उनके विचारों में चिड़चिड़ापन और जिद्दी भावना पैदा हो जाती है तथा यदि तीसरी अर्थात सूर्य की अंगुली तर्जनी के बराबर लंबी हो तो ऐसे लोग अपनी कलात्मक प्रवृत्ति के द्वारा धन एवं प्रतिष्ठा प्राप्त करने की महत्वाकांक्षा रखते हैं उनमें प्रसिद्धि पाने के बहुत अधिक अभिलाषा होती है यदि यह अधिक बड़ी हो और मध्यमा के बराबर हो जाए तो ऐसे प्राणी जीवन को एक लाख से अधिक नहीं समझते हैं इसी प्रकार यदि तीसरी अंगुली अनामिका अच्छे आकार की लंबी होती है और वह हाथ में अंगूठे से संतुलन बनाए रखती है ऐसे लोग अभिनेता वक्ता उपदेशक कथावाचक होते हैं अपने चाहने वालों का मन प्रसन्न करने की कला में बहुत खूब जानते हैं छोटी अंगुली कनिश्का अच्छा आकार की एवं लंबी होती है तो ऐसे लोग दूसरे लोगों को काफी प्रवाहित करने में सफल होते हैं यदि यह अंगुली इतनी लंबी हो की अनामिका के नाखून तक पहुंच जाए ऐसा व्यक्ति भाषण तथा लेखन में माहिर होता है तथा बहुत कुछ तक दार्शनिक भी होता है जो हर विषय पर बोल कर विजय प्राप्त कर सकता है ऐसे लोग कभी हार का मुंह नही देखते हैं हमेशा उनको जीवन में सफलताएं प्राप्त होती है और वे बहुत ऊंची मंजिल तक पहुंच पाते हैं

  जानिए अपनी हस्त रेखा के द्वारा जीवन की किसी भी प्रकार की भूत भविष्य वर्तमान की समस्या का समाधान वैदिक ज्योतिष शोध संस्थान के  आचार्यों द्वारा

आचार्य कौशल कुमार शास्त्री

                        'M.A ज्योतिष शास्त्र, साहित्याचार्य "

 वैदिक ज्योतिष शोध संस्थान

 चौथ का बरवाड़ा जिला सवाई माधोपुर 

            राजस्थान

 व्हाट्सएप नंबर 94 1465 7245


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