चोरी हुई वस्तु की प्राप्ति व चोर का ज्ञान करना -:
यदि किसी पृश्चक की वस्तु चोरी हो जाती है और वह ज्योतिषी से आकर अपनी वस्तु की प्राप्ति प्राप्ति व चौर के विषय में जानना चाहता है तो उसके लिए ज्योतिषी को चाहिए कि वह तत्कालीन लग्न का निर्माण करें और तत्कालीन प्रश्न कुंडली का सूक्ष्म विवेचन कर प्रश्न कर्ता की जिज्ञासा का समाधान करें।
चोरी हुई वस्तु की स्थिति का ज्ञान करना -:
प्रश्न कुंडली में चंद्रमा जिस राशि पर विद्यमान होते हैं उस राशि के स्वामी की चन्द्रमा पर दृष्टि हो तो प्रश्न कर्ता की वस्तु निश्चित रूप से पुनः प्राप्त हो जाती है। चंद्रमा यदि लग्न में विद्यमान हो तो वस्तु पूर्व दिशा में होती है चतुर्थ स्थान में हो तो वस्तु उत्तर दिशा में सप्तम भाव में हो तो पश्चिम व दशम भाव में चंद्रदेव स्थित हो तो दक्षिण दिशा में वस्तु होती है। यदि लग्न में चर राशि हो तो वस्तु बहुत दूर चली जाती है। स्थर लग्न हो तो वस्तु घर के आस-पास होती है। दि्वस्वभाव लग्न होने पर वस्तु मध्यम स्थान अर्थात ना तो दूर ना ही पास होती है।
नष्ट वस्तु के नाम की संख्या को जोड़कर उनमें 3 और मिलावे फिर 5 का भाग देवें। 1शेष प्राप्त होता है तो घर में ही वस्तु होती है। तथा 2 अंक शेष रहे तो घर के बाहर वस्तु चली गई है। 3 का अंक शेष रहने पर अपने शयनकक्ष में ही वस्तु होती है।
4 शेष रहे तो अपने घर के बाहर ही वस्तु आस पास होती है।
चोर के आवास का ज्ञान करना -:
जिस राशि में चंद्रमा विद्यमान होते हैं उस राशि के स्वामी जिस दिशा का स्वामी होता है उस दिशा में चोर का आवास या मकान होता है। जैसे मान लीजिए चंद्रदेव सिंह राशि में स्थित है तो सिंह राशि के स्वामी सूर्य देव जिस दिशा के स्वामी हैं। उस दिशा में चोर का आवास कहे। यदि लग्न में मेष राशि हो तो ब्राह्मण चोर होता , वृषभ लग्न हो तो क्षत्रिय, मिथुन लग्न में वैश्य तथा कर्क लग्न में शूद्र , सिंह लग्न होने पर अपना ही परिवार का जन चोर होता है। कन्या लग्न होने पर घर की स्त्री चोर होती है। तुला लग्न में भ्राता वृश्चिक लग्न में पुत्र धनु लग्न में नौकर मकर लग्न में पुत्र वधू कुंभ लग्न हो तो जानवर मीन लग्न में स्वराशि का व्यक्ति चोर होत है।
चोर की अवस्था का ज्ञान -:
अविवाहित लड़की का ज्ञान चंद्रमा बुध से होता है वृद्ध स्त्री का ज्ञान शनिदेव से सूर्य बृहस्पति से विवाहित स्त्री, मंगल शुक्र से विश्मययुक्त होती है। इसी प्रकार लड़का का ज्ञान चंद्रमा बुध से होता है शनिदेव से वृद्ध पुरुष, सूर्य बृहस्पति से विवाहित पुरुष, मंगल शुक्र से मंदबुद्धि व्यक्ति समझना चाहिए।
एस्ट्रोलॉजर आचार्य केके शास्त्री
वैदिक ज्योतिष शोध संस्थान
चौथ का बरवाड़ा, सवाई माधोपुर
राजस्थान 9414 6572 45
| Astrologer aacharya KK Shastri |
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