राहु का पत्रिका के 12 भाव में सामान्य फल -:
प्रथम भाव
व्यक्तित्व में रहस्यमयता, महत्वाकांक्षा, असामान्य सोच
स्वास्थ्य में उतार-चढ़ाव, मानसिक बेचैनी
विदेश/अलग संस्कृति से जुड़ाव
प्रसिद्धि अचानक मिलती है
द्वितीय भाव
धन अर्जन के अनोखे स्रोत
वाणी में कटुता/चालाकी
परिवार में मतभेद
काला धन या जोखिम भरे निवेश की प्रवृत्ति
तृतीय भाव
साहस, पराक्रम, मीडिया/टेक्नोलॉजी में सफलता
छोटे भाई-बहनों से दूरी
लेखन, सोशल मीडिया, राजनीति में उन्नति
चतुर्थ भाव
मातृ सुख में कमी
घर-जमीन-वाहन में विवाद
बार-बार निवास परिवर्तन
मानसिक अशांति
पंचम भाव
संतान को लेकर चिंता
प्रेम संबंधों में भ्रम
तेज बुद्धि पर गलत निर्णय
सट्टा/शेयर में जोखिम
षष्ठ भाव
शत्रुओं पर विजय
रोगों से संघर्ष कर जीत
राजनीति, प्रशासन, न्यायिक क्षेत्र में सफलता
सप्तम भाव
विवाह में असामान्यता
विदेशी/भिन्न संस्कृति का जीवनसाथी
साझेदारी में धोखा
अत्यधिक आकर्षण व वासना
अष्टम भाव
अचानक घटनाएँ
गूढ़ विद्याओं में रुचि (ज्योतिष, तंत्र)
दुर्घटना/ऑपरेशन का योग
आय में उतार-चढ़ाव
नवम भाव
भाग्य में रुकावट
पिता/गुरु से मतभेद
परंपरागत धर्म से अलग सोच
विदेश से भाग्योदय
दशम भाव
करियर में अचानक उछाल
राजनीति, फिल्म, टेक, विदेशी कंपनियों में सफलता
छल-कपट से पद
एकादश भाव
बड़ी इच्छाओं की पूर्ति
नेटवर्किंग से लाभ
विदेशी आय स्रोत
प्रसिद्ध मित्र
द्वादश भाव
विदेश प्रवास
खर्च अधिक
मोक्ष की चाह
नींद, मानसिक शांति में कमी
संक्षेप निष्कर्ष
राहु शुभ फल देता है जब वह
3, 6, 10, 11 भावों में हो
उच्च राशि/शुभ ग्रहों की दृष्टि में हो

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