केतु का पत्रिका के द्वादश भावो में शुभ अशुभ परिणाम

 केतु का द्वादश भाव में शुभ अशुभ फल -:

नमस्कार साथियों!
 आज की चर्चा में हम जानेंगे केतु देव का पत्रिका के द्वादश भाव में शुभ अशुभ परिणाम के विषय में तो आईए जानते हैं केतु देव पत्रिका के सभी भाव में किस प्रकार का सामान्य परिणाम प्रदान करते हैं!

जैसा कि हम जानते हैं . कि केतु एक मोक्षकारक, वैराग्य देने वाला और सूक्ष्म ग्रह है, इसलिए इसका फल हमेशा भाव, राशि, नक्षत्र, युति और दृष्टि पर निर्भर करता है। फिर भी शास्त्रीय आधार पर भावानुसार केतु के शुभ–अशुभ फल इस प्रकार समझिए—

 प्रथम भाव

शुभ फल


आध्यात्मिक प्रवृत्ति, वैराग्य
रहस्यमय व्यक्तित्व, गूढ़ ज्ञान में रुचि
पूर्वजन्म पुण्य का संकेत

अशुभ फल


आत्मविश्वास में कमी
शरीर दुर्बलता, सिर से संबंधित रोग
सामाजिक दूरी, अकेलापन


 द्वितीय भाव में केतु

शुभ फल


सादा जीवन, कम संग्रह प्रवृत्ति
आध्यात्मिक वाणी, मंत्र सिद्धि

अशुभ फल


धन अस्थिरता
वाणी में कठोरता या अस्पष्टता
परिवार से दूरी

तृतीय भाव में केतु

शुभ फल

निर्भीकता, साहस
आध्यात्मिक लेखन, साधना में रुचि
शत्रुओं पर विजय

अशुभ फल

भाइयों से मतभेद
प्रयासों में अनियमितता

चतुर्थ भाव में केतु

शुभ फल

सांसारिक सुखों से वैराग्य
आध्यात्मिक शांति की खोज

अशुभ फल

माता से दूरी
गृह-सुख में कमी
संपत्ति विवाद

 पंचम भाव में केतु

शुभ फल

पूर्वजन्म पुण्य, गूढ़ बुद्धि
मंत्र, तंत्र, ज्योतिष में रुचि
तीव्र अंतर्ज्ञान

अशुभ फल

संतान कष्ट
प्रेम संबंधों में उलझन
निर्णयों में भ्रम

षष्ठ भाव में केतु

शुभ फल

शत्रु नाशक (बहुत अच्छा स्थान)
रोगों पर विजय
आध्यात्मिक योद्धा

अशुभ फल

अचानक रोग
पेट व त्वचा संबंधी समस्या

 सप्तम भाव में केतु

शुभ फल

सांसारिक संबंधों से वैराग्य
आध्यात्मिक जीवनसाथी

अशुभ फल

वैवाहिक असंतोष
जीवनसाथी से दूरी या भ्रम
साझेदारी में हानि

अष्टम भाव में केतु

शुभ फल

रहस्य विद्या, तंत्र, साधना
दीर्घायु
आकस्मिक लाभ

अशुभ फल

अचानक संकट
भय, मानसिक अस्थिरता

 नवम भाव में केतु

शुभ फल

तीव्र आध्यात्मिक उन्नति
गुरु कृपा (यदि शुभ दृष्टि हो)
तीर्थ व साधना

अशुभ फल

पिता से दूरी
धर्म को लेकर भ्रम

दशम भाव में केतु

शुभ फल

निष्काम कर्म योग
आध्यात्मिक या शोध कार्य
प्रसिद्धि बिना प्रयास

अशुभ फल

करियर में अस्थिरता
अधिकार से दूरी

 एकादश भाव में केतु

शुभ फल

इच्छाओं से वैराग्य
आध्यात्मिक लाभ

अशुभ फल

आय में उतार-चढ़ाव
मित्रों से दूरी

 द्वादश भाव में केतु

शुभ फल


मोक्षकारक स्थिति (अत्यंत श्रेष्ठ)
विदेश या आश्रम जीवन
गहन साधना

अशुभ फल


खर्च अधिक
नींद संबंधी समस्या

महत्वपूर्ण शास्त्रीय सूत्र


केतु शुभ ग्रहों के साथ या त्रिकोण/उपचय भावों में शुभ फल देता है


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