Vastu energy check karna

कॉपर एल रोड सेकैसे एनर्जी चेक किया जाता है ?



 वास्तु में “कॉपर L-रॉड” (Copper L Rods) का उपयोग प्रायः डाउजिंग या ऊर्जा-संवेदन पद्धति के रूप में किया जाता है। यह एक पारंपरिक-अनुभवजन्य विधि है ।, वैज्ञानिक रूप से पूरी तरह प्रमाणित नहीं मानी जाती, लेकिन अनेक वास्तु-विशेषज्ञ, भू-ऊर्जा शोधकर्ता और ऊर्जा-हीलिंग प्रैक्टिशनर इसका प्रयोग करते हैं।

इसका उद्देश्य घर, भूमि, कमरों, दिशाओं, भूमिगत जलधारा, नकारात्मक-सकारात्मक ऊर्जा, तथा व्यक्ति-विशेष के प्रश्नों के संकेत प्राप्त करना होता है। 

नीचे प्रारंभिक स्तर से लेकर उन्नत स्तर तक सम्पूर्ण प्रक्रिया विस्तार से दी जा रही है।

1. कॉपर L-रॉड क्या होती है? 

यह तांबे (Copper) की बनी दो L आकार की छड़ें होती हैं।

लंबा भाग आगे की ओर रहता है

छोटा भाग हाथ में पकड़ा जाता है

दोनों रॉड स्वतंत्र रूप से घूमती हैं

सामान्य आकार:

लंबा भाग: 12–16 इंच

पकड़ वाला भाग: 4–5 इंच

तांबा ऊर्जा-संवेदनशील धातु माना जाता है।

2. इसका मूल सिद्धांत क्या माना जाता है?

वास्तु और डाउजिंग के अनुसार:

पृथ्वी में ऊर्जा तरंगें होती हैं

हर स्थान का कंपन  अलग होता है

मानव शरीर भी ऊर्जा क्षेत्र उत्पन्न करता है

L-Rod उस सूक्ष्म ऊर्जा पर प्रतिक्रिया देती है

जब साधक किसी दिशा, प्रश्न या स्थान पर ध्यान केंद्रित करता है, तब रॉड:

क्रॉस हो सकती हैं

खुल सकती हैं

एक दिशा में घूम सकती हैं

कंपन कर सकती हैं

इन्हीं संकेतों से निष्कर्ष निकाले जाते हैं।

3. L-Rod बनाने या खरीदने की विधि 

आवश्यक सामग्री

शुद्ध तांबे की तार

3–5 mm मोटाई

पाइप या hollow handle

बनाने की प्रक्रिया

तांबे की तार लें

उसे L आकार में मोड़ें

छोटा भाग पकड़ने हेतु रखें

हैंडल में डालें ताकि आसानी से घूम सके

4. प्रयोग से पहले तैयारी

यह सबसे महत्वपूर्ण चरण है।

(A) मानसिक तैयारी

मन शांत रखें

क्रोध, भय, तनाव न हो

ध्यान या प्राणायाम करें

(B) शारीरिक तैयारी

शरीर स्वच्छ हो

अत्यधिक थकान न हो

हाथ सूखे हों

(C) ऊर्जा शुद्धि

बहुत से साधक:

गंगाजल

धूप

मंत्र

सूर्य प्रकाश

से रॉड की शुद्धि करते हैं।

5. रॉड पकड़ने की सही विधि

दोनों रॉड समानांतर रखें

कोहनी शरीर से हल्की दूर

पकड़ ढीली रखें

रॉड स्वतंत्र घूमनी चाहिए

गलती:

बहुत कसकर पकड़ना

हाथ हिलाना

मानसिक दबाव बनाना

6. सबसे पहले रॉड को प्रोग्राम कैसे करें?

इसे “Calibration” कहा जाता है।

Yes / No सेट करना

चरण:

शांत स्थान पर खड़े हों

पूछें: “मेरे लिए YES संकेत दिखाइए।”

रॉड:

क्रॉस हो सकती हैं

खुल सकती हैं

जो भी संकेत मिले उसे नोट करें।

फिर पूछें: “मेरे लिए NO संकेत दिखाइए।”

अब दूसरा संकेत मिलेगा।

हर व्यक्ति में संकेत अलग हो सकते हैं।

7. घर की ऊर्जा जांचने की मूल प्रक्रिया 

Step 1 – मुख्य द्वार जांच

मुख्य द्वार पर खड़े होकर पूछें:

क्या यह द्वार सकारात्मक ऊर्जा दे रहा है?

क्या यहां ऊर्जा अवरोध है?

क्या यहां नकारात्मक कंपन हैं?

यदि रॉड:

खुलें → सकारात्मक

क्रॉस हों → अवरोध / नकारात्मक

(यह आपका प्रोग्रामिंग पैटर्न पर निर्भर करेगा)

Step 2 – हर कमरे की जांच

क्रम:

ईशान

पूर्व

अग्नि

दक्षिण

नैऋत्य

पश्चिम

वायव्य

उत्तर

हर कमरे में:

बीच में खड़े हों

चारों दिशाओं में जाएँ

ऊर्जा प्रतिक्रिया देखें

8. ऊर्जा मैपिंग कैसे करते हैं?

उन्नत वास्तु विशेषज्ञ पूरा Energy Grid बनाते हैं।

प्रक्रिया

घर का नक्शा लें

रॉड के साथ चलें

जहां प्रतिक्रिया मिले वहां मार्क करें

यह पहचानने हेतु:

Geopathic Stress

भूमिगत जलधारा

नकारात्मक बिंदु

ऊर्जा कटाव

ब्रह्मस्थान दोष

9. भूमिगत जलधारा कैसे पहचानते हैं?

धीरे-धीरे चलते हैं।

जहां जलधारा होती है:

रॉड अचानक क्रॉस

या तेज खुलती हैं

कुछ विशेषज्ञ:

जल की दिशा

गहराई

मात्रा

भी प्रश्नों द्वारा जानने का प्रयास करते हैं।

10. व्यक्ति के प्रश्नों के उत्तर कैसे लेते हैं?

इसे Intent Based Dowsing कहा जाता है।

विधि

पहले स्पष्ट प्रश्न बनाएं।

गलत:

“मेरा क्या होगा?”

सही:

“क्या यह घर मेरे लिए शुभ है?”

“क्या यह दिशा स्वास्थ्य के लिए ठीक है?”

“क्या यह व्यवसाय यहां सफल होगा?”

11. प्रश्न पूछने के नियम

प्रश्न हमेशा:

स्पष्ट

एक समय में एक

Yes/No आधारित

उदाहरण:

क्या उत्तर दिशा मजबूत है?

क्या यहां नकारात्मक ऊर्जा है?

क्या यह प्लॉट खरीदना उचित है?

12. प्रतिशत में ऊर्जा जांचना

उन्नत साधक प्रतिशत चार्ट उपयोग करते हैं।

उदाहरण:

0–100%

0–1000 Bovis Scale

Bovis Scale

कहा जाता है:

6500 → सामान्य मानव ऊर्जा

8000+ → सकारात्मक

10000+ → आध्यात्मिक ऊर्जा

(यह पारंपरिक ऊर्जा-मापन प्रणाली है, वैज्ञानिक मानक नहीं)

13. वास्तु दोष कैसे पहचानते हैं?

सामान्य संकेत

ईशान दोष

रॉड भारी प्रतिक्रिया देती है

मानसिक तनाव संकेत

नैऋत्य दोष

अस्थिरता

आर्थिक रुकावट

अग्नि दोष

झगड़े

स्वास्थ्य समस्या

ब्रह्मस्थान अवरोध

रॉड तेजी से क्रॉस

14. नकारात्मक ऊर्जा के संकेत

रॉड अचानक रुकना

हाथ भारी लगना

बार-बार क्रॉस

बेचैनी

सिर दर्द

15. सकारात्मक ऊर्जा के संकेत

रॉड सहज खुलना

शरीर हल्का लगना

शांति अनुभव

संतुलित कंपन

16. उन्नत स्तर की तकनीकें

(A) Witness Dowsing

फोटो या नक्शे पर जांच।

(B) Tele-Dowsing

दूरस्थ ऊर्जा परीक्षण।

(C) Chakra Checking

व्यक्ति के चक्रों की ऊर्जा देखना।

(D) Aura Reading

ऊर्जा क्षेत्र जांचना।

17. वास्तु उपचार कैसे चुनते हैं?

रॉड से पूछा जाता है:

कौन सा उपाय उपयुक्त है?

पिरामिड?

तांबा?

नमक?

मंत्र?

यंत्र?

फिर प्रतिक्रिया देखी जाती है।

18. सामान्य अभ्यास 

प्रतिदिन अभ्यास करें:

YES/NO अभ्यास

वस्तु खोज अभ्यास

पानी ढूंढने का अभ्यास

कमरे की ऊर्जा जांच

पौधों की ऊर्जा जांच

19. शुरुआती लोगों की गलतियाँ

जल्दी परिणाम चाहना

डर के साथ प्रयोग

हर चीज़ को नकारात्मक मानना

अस्पष्ट प्रश्न पूछना

मानसिक कल्पना को उत्तर समझ लेना

20. महत्वपूर्ण सावधानियाँ

ध्यान रखें:

यह आध्यात्मिक/ऊर्जा आधारित पद्धति है

इसे पूर्ण वैज्ञानिक प्रमाणित तकनीक न मानें

चिकित्सा, कानूनी या सुरक्षा निर्णय केवल इसी पर आधारित न लें

अनुभवी निरीक्षण और व्यावहारिक वास्तु ज्ञान भी आवश्यक है

21. प्रभावी साधना कैसे विकसित करें?

उपयोगी अभ्यास

ध्यान

प्राणायाम

मंत्र जाप

सूर्य साधना

भूमि स्पर्श

सात्विक भोजन

इनसे संवेदनशीलता बढ़ती मानी जाती है।

22. उन्नत प्रश्नों के उदाहरण

आप L-Rod से पूछ सकते हैं:

क्या यह भूमि रहने योग्य है?

क्या यहां भू-दोष है?

क्या यह प्लॉट निवेश हेतु ठीक है?

कौन सी दिशा कमजोर है?

कौन सा उपाय सर्वश्रेष्ठ होगा?

कितने प्रतिशत सुधार हुआ?

23. वास्तु निरीक्षण की पूर्ण प्रक्रिया

एक अनुभवी वास्तु विशेषज्ञ सामान्यतः:

नक्शा अध्ययन

दिशा जांच

ऊर्जा स्कैन

Geopathic Stress check

भूमिगत जलधारा

ऊर्जा प्रतिशत

परिवार सदस्यों पर प्रभाव

उपाय चयन

पुनः परीक्षण

इन सभी चरणों का उपयोग करता है।

 आचार्य कौशल कुमार शास्त्री

वास्तु शास्त्री

,9414657245



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