अधिक मास की सोमवती अमावस्या का विशेष महत्व -: जब अमावस्या सोमवार के दिन पड़ती है, तो उसे सोमवती अमावस्या कहा जाता है। यदि यह अमावस्या अधिक मास (पुरुषोत्तम मास) में आए, तो इसका महत्व और भी बढ़ जाता है। वैदिक और पुराणिक मान्यताओं के अनुसार यह दिन पितृ तर्पण, भ…
Read moreएकादशी व्रत का संपूर्ण विस्तृत विधान शास्त्र निर्णय अनुसार -: अग्नि पुराण एक महत्त्वपूर्ण पुराण है जिसमें अनेक विषयों पर विस्तृत विवरण मिलता है, जिसमें व्रत, तीर्थ, पूजा विधि, आयुर्वेद, युद्धनीति आदि शामिल हैं। एकादशी व्रत के विषय में भी अग्नि पुराण में …
Read more14 मार्च 2025 से सूर्य का मीन राशि में गोचर -: 14 मार्च 2025 को सूर्य , मीन राशि में प्रवेश करेंगे, जो सभी 12 राशियों पर प्रभाव डालेगा। यह गोचर व्यापार, करियर, स्वास्थ्य और व्यक्तिगत जीवन में महत्वपूर्ण परिवर्तन ला सकता है। आइए जानते हैं इसका प्रभाव: म…
Read moreबुध रत्न पन्ना की संपूर्ण विस्तृत जानकारी -: जैसा कि हम सब जानते हैं कि बुद्धदेव का प्रतिनिधित्व पन्ना रत्न करता है। जन्म कुंडली में बुद्धदेव योग कारक की स्थिति में होते हैं तो उस स्थिति में बुध को बलवान बनाने के लिए पन्ना रत्न धारण किया जाता है। पन्ना रत्न…
Read moreवर वधू का विवाह मुहूर्त बनाते समय किस-किस का बाल देखा जाता है? नमस्कार मित्रों आज हम विवाह मुहूर्त विषय में अध्ययन करेंगे की विवाह मुहूर्त बनाते समय हम वर वधु के किन-किन ग्रहों का बाल देखते हैं। जिससे विवाह मुहूर्त शुभ होता है। बिना विलंब आज की यात्रा को आग…
Read moreबुध गुरु शुक्र शनि ग्रहो से रोग विचार -- आज की चर्चा में हम पूर्व चर्चा को आगे बढ़ते हुए बुध गुरु शुक्र शनि ग्रहों के पीड़ित होने से होने वाले रोग विचार पर जानकारी प्राप्त करेंगे। हम जानेंगे की बुध गुरु शुक्र शनि किस प्रकार के रोगों के कारक होते हैं। सबसे प…
Read moreनव संवत्सर 1980 की सभी को बहुत-बहुत शुभकामनाएं यह नूतन वर्ष आप सभी के लिए मंगलमय हो बहुत-बहुत शुभकामनाएं
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